Wednesday, 10 January 2018

92. शाॅक ट्रीटमेंट- जेम्स हेडली चेइज

इश्क में पागल एक आशिक की खूनी कथा
शाॅक ट्रीटमेंट, उपन्यास, मर्डर मिस्ट्री, उत्तम।

बद् दिमाग अपाहिज खाविंद की कमसीन, जवान और बेइंतहा खूबसूरत बीवी के नामुराद इश्क में अंधा मूढमति आशिक हो तो फिर कत्ल भला कैसे न हो?

        कुछ उपन्यास ऐसे होते हैं जिन्हें आप पढना आरम्भ करते हो तो अंतिम पृष्ठ पढे बिना छोङने का मन ही नहीं करता। ऐसा ही प्रस्तुत उपन्यास है जेम्स हेडली चेइज का शाॅक ट्रीटमेंट।
    आदि से अंत तक रोचक से भरपूर। हर कदम पर नया और नया रहस्य लिए।

गर आप आज तक अपनी जिंदगी में किसी औरत की फर्जी मुहब्बत के फेर में नहीं पङे हैं तो आपको अपने तजुर्बे के दम पर मैं यही राय दूंगा कि- किसी औरत और उसकी फर्जी मुहब्बत के चक्कर में ना ही पङें तो बेहतर है- वर्ना आपकी भी वही हालत मुमकिन है जो कि मेरी हुयी थी।
   आज जब मैं आपको यह अपनी कहानी बता रहा हूँ तो अब उन दिनों की यादें भी मुझमें कोफ्त पैदा करती हैं।

   यह कहानी है कैलिफोर्निया की पहाडियों में बसे एक छोटे से कस्बे के एक व्यक्ति टेरी रीगन की।
   टेरी रीगन के कस्बे में एक विकलांग व्यक्ति मिस्टर डेगाले  अपनी पत्नी गिल्डा के साथ रहने आता है।
विकलांग होने के कारण मिस्टर डेगाले कुछ शकी, क्रोधी और सनकी स्वभाव का हो जाता है। और उसका गुस्सा अपनी बेहद खूबसूरत और जवान पत्नी गिल्डा पर उतरता है।
   मिस्टर टेरी रीगन भी गिल्डा की खूबसूरती पर फिदा हो जाता है। गिल्डा और टेरी रीगन की मोहब्बत भी परवान चढने लगती है।
   अमीर डेगाले, खूबसूरत गिल्डा और गरीब टेरी रीगन। अजीब पात्र है तीनों।
   डेगाले की सनक से गिल्डा भी परेशान है और टेरी रीगन भी।
तब टेरी रीगन गिल्डा को पाने के लिए एक साजिश रचता है और साजिश के तहत डेगाले का कत्ल कर देता है।
अब पुलिस उस कत्ल को आत्महत्या मान कर केस को बंद कर देती है।
  पर पाठक मित्र उपन्यास अभी बाकी है। कहानी में टविस्ट तो अभी शुरु ही हुआ है। और इस घटनाक्रम के पश्चात तो कहानी में टविस्ट पर टविस्ट आते हैं।

- कभी डेगाले की मौत हत्या लगती है और कभी आत्महत्या।
- कभी डेगाले अमीर लगता है और कभी गरीब।
- कभी कातिल टेरी रीगन लगता है और कभी गिल्डा।
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- क्या डिल्डा कभी टेरी रीगन की हो पायी?
- असली कातिल कौन है?
- क्या रहस्य है इस मौत के पीछे।

ऐसे एक नहीं अनेक प्रश्नों के उत्तर इस दिलचस्प उपन्यास में ही मिलेंगे।
  उपन्यास है भी इतना रोचक की पाठक एक बार आरम्भ करेगा तो इस उपन्यास को पूरा पढकर ही खत्म करेगा।
       हालांकि इस प्रकार के चौंकाने वाले घटनाक्रम वाले उपन्यास वेदप्रकाश शर्मा जी ने भी खूब ‌लिखे हैं। पर वेदप्रकाश शर्मा जी के उपन्यास में अनावश्यक विस्तार और परस्पर वार्तालाप ज्यादा होता है। इस उपन्यास में कहीं भी अनावश्यक विस्तार नहीं है। इस उपन्यास में अभी भी इतना स्पेश बाकी है की कोई भी प्रतिभाशाली लेखक इस कहानी को एक नया रूप दे सकता है। और ऐसा एक छोटा सा प्रयास इस उपन्यास के पीछे कँवल शर्मा जी ने ' एक ही अंजाम' नामक कहानी में किया भी है।
इस उपन्यास के पीछे कँवल शर्मा की इसी उपन्यास पर आधारित एक कहानी है 'एक ही अंजाम' पर उपन्यास और कहानी का क्लाइमैक्स अलग-अलग है।
    यह उपन्यास नये लेखकों के लिए भी प्रेरणा के समान है।
   जेम्स हेडली चेइज का प्रस्तुत उपन्यास ' शाॅट ट्रीटमेंट' बहुत ही रोचक व पठनीय उपन्यास है। मेरी व्यक्तिगत राय से इस उपन्यास को अवश्य पढें।
धन्यवाद।
  इन्हीं दिनों सूरज पॉकेट बुक्स से प्रकाशित जेम्स हेडली चेइज का उपन्यास 'आखिरी दांव' (..)पढा जो की सबा खान जी द्वारा अनूदित था। वह भी बहुत रोचक था।
  
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उपन्यास - शाॅक ट्रीटमेंट (Shock Treatment)
लेखक- जेम्स हेडली चेइज
अनुवादक- कँवल शर्मा
प्रकाशक- सूरज पॉकेट बुक्स- मुंबई
पृष्ठ-
मूल्य- 60₹

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