Wednesday, 15 November 2017

79. ब्राउन शुगर- रवि माथुर

भारत से अफ्रीका के कबीले तक फैली हरी मौत का रहस्य
ब्राउन शुगर, रोचक उपन्यास, मध्यम स्तर।
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होटल इंटरनेशनल काॅन्टीनेन्टल
31 दिसंबर की रात
नववर्ष के शुभारंभ की पार्टी चल रही थी और जिसमें एक नीग्रो युवती मिस टोटो नृत्य कर रही थी। इस दौरान किसी ने मिस टोटो की स्टेज पर हत्या कर दी।
इसी वक्त वहाँ उपस्थित कैप्टन हमीद ने इस मामले में हस्तक्षेप किया।
   कैप्टन हमीन और कर्नल विनोद इस केस की जांच पर आगे बढे तो पता चला की कुछ दिन पूर्व एक नीग्रो युवक की लाश शहर में मिली थी और उसका शरीर हरा था।
   मिश्र घूमने गये मिस्टर कोरक और नानसी के सामने वहाँ एक हत्या हो गयी और मृतक का शरीर हरा हो गया।
"कौन थे वे लोग? तुम्हें किसने मारा?"
"हरी मौत।"
     भारत की धरती पर ब्रिटेन, मिश्र के लोगों में उपजी एक अनोखी जंग जिसमें भारत के जासूस कर्नल विनोद और हमीद को भी शामिल होना पङा और जिसका अंत अफ्रीका के कांगो बेसिन के एक टापू पर हुआ।
  विभिन्न देशों में घूमती हुयी एक खतरनाक कहानी।
उपन्यास के पात्र-
कर्नल विनोद- भारत का प्रसिद्ध जासूस।
कैप्टन हमीद- भारतीय जासूस।
कोरक- भारतीय जासूस। जो इस प्रकरण के दौरान मिश्र में था।
नानसी- कोरक की साथी।
कासिम- उपन्यास का एक हास्य पात्र‌।
डेविस- एक खतरनाक अपराधी।
रोजर- माटू देवता की आँख चुराने वाला व्यक्ति।
हारूण- मिश्र पुलिस का अधिकारी।
आयशा- रोजर की साथी।
प्रिंस लुआगा- मारोगाटो कबीले के सरदार का पुत्र ।
माटू देवता- कबीले का देवता।

शीर्षक-
जैसा की उपन्यास का शीर्षक ब्राउन शुगर है तो स्वाभाविक है पाठक का ध्यान नशे की तरह ही जायेगा।
उपन्यास के प्रारंभिक पृष्ठ भी कुछ ऐसा ही लिखा है।
" ब्राउन शुगर...एक ऐसा खतरनाक नशा जो युवा पीढी को को मौत के समुद्र में धकेल रहा था।"
  हालांकि उपन्यास का उपर्युक्त पंक्तियों या शीर्षक से किसी भी प्रकार का कोई भी सबंध स्थापित नहीं होता।
अब पता नहीं लेखक/ प्रकाशक ने यह नाम कैस रख दिया।

गलतियाँ-
उपन्यास में कई जगह गलतियाँ है।
- होटल काॅन्टिनेटल में मिस टोटो का हत्यारा स्टेज पर टोटो की हत्या पहले करता है और उसके कमरे की तलाशी बाद में लेता है।
जबकी होता इसका विपरीत। अगर हत्यारा कमरे की तलाशी पहले लेता तो उसे मिस टोटो की हत्या करने की जरूरत भी न पङती और हत्या के बाद तलाशी लेने का वक्त कहां से मिल गया।

- पृष्ठ 97-100 में
होटल में कोरक और नानसी के सब्जी के बर्तन में दोनों को मारने के लिए जिंदा सांप डाल दिया जाता है।
कमाल है सब्जी में सांप और वह भी जिंदा।

 - कासिम उपन्यास का एक हास्य पात्र है। अफ्रीका के दौरे पर उसे साथ लेकर जाने का कोई औचित्य भी नहीं था।

समापन:-
  किसी भी कहानी का क्लाइमैक्स (समापन) उसका चरम बिंदु कहलाता है। पाठक की पूरी उत्सुकता होती है की अंत में क्या हुआ।
  इस उपन्यास के अंत तक पाठक भी यही सोचता है की अंत में क्या हुआ, क्या सारा खेल ब्राउन शुगर का है। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं था।
लेखक उपन्यास का समापन इतने अच्छे तरीके से न कर सका जितने की उम्मीद थी।

      रवि माथुर का प्रस्तुत उपन्यास एक मध्यम स्तर का उपन्यास है जो कई जगह अपनी कहानी से भटकता है लेकिन अंत में क्लाइमैक्स तक पहुंचता है।
  यह एक मध्यम स्तरीय उपन्यास है जिसे पाठक समय बिताने के लिए पढ सकता है।

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उपन्यास- ब्राउन शुगर
लेखक- रवि माथुर।
प्रकाशक- दुर्गा पॉकेट बुक्स, 315, ईश्वर पुरी, मेरठ- 250002
पृष्ठ- 207
मूल्य- 20₹

लेखक संपर्क-.
रवि माथुर
428/ 15 B
ईश्वर पुरी, मेरठ- 250002

1 comment:

  1. बढ़िया लेख। मुझे नहीं पता था कि हमीद और विनोद को लेकर किसी अन्य लेखकों ने भी लिखा है। मुझे लगता था कि इब्ने सफी के उपन्यासों के अनुवादों में ही फरीदी को विनोद बनाया गया था।

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